हाइकु पञ्च
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हसीन पल
यों बिखर न जायें
थोड़ा संभल
एक भी लम्हा
खुशी का न गुजरा
आज भी तन्हा
हरेक घड़ी
तू मुस्कुराता चल
खुशियां खड़ी
आज न कल
कोई नहीं बाँटता
दुःख के पल
एक ही हल
कर्म सिद्धान्त बड़ा
सत्य पे चल
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🌲💧निर्मल 'नीर'💧🌲
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