रविवार, 7 जुलाई 2019

सुनलव महिमा

आगामी रचना

सुनलव महिमा भारी हे
छत्तीसगढ़ महतारी के2

बड़े बिहनिया चिरई चिरगुन
जेकर महिमा गाथे
हाथ जोड़े आसीस खातिर
चरन माथ नवाथे
गोदी खेले जेखर लइका,
मीठ मीठ गुंज किलकारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के....

हरियर लुगरा हरियर पोलखा
हाँथ म हरियर धान हे
खेती डोली के साज सिंगारे
जोहर ललना किसान हे
हाँथ तुतारी खाँध मा नाँगर
बइला जस संगवारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के...

अरपा पैरी महानदी के
लहरा मा सब तर जाथे
पीके पानी निर्मल गंगा
भुंइया हमर हरियाथे
चंपा चमेली महके जिंहा
सुघर सोभा फुलवारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के...

सुआ करमा पंथी ददरिया
पंडवानी के राग हावय
थिरके थाप नंगारा के संग
सतरंगी रंग फाग हावय
ऊंच नीच ल जाने नाहीं
रंग भरे पिचकारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के...

राजीम लोचन शिवरीनारायन
जग म मान बढ़ाए
बइठके जिंहा भाँचा राम
शबरी के बोईर खाए
भगति नवधा पावय जिंहा
रघवर राम उपकारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के...

दुरगा दाई के पबरित डेरा
डोंगरगढ़ बमलाई
महामाई अंगारमोती संग
किंजरय बिलई माई
आस पुरोदे तै हो माता
तोषण असन पुजारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के...

बीर नरायन गुंडाधुर जस
कतको बीर बलिदानी हे
पार नइ पावन अड़हा लइका
जेखर अमर कहानी हे
रहय जियत ले खून म सबो के
फूंक अइसन चिंगारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के...

**************
तोषण धनगंइहा
९६१७५८९६६७

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गुरुवार, 4 जुलाई 2019

पीरीत

तोर बर पीरीत रे,मोर मन के मीत रे,
तोला मँय अगोरँव,आना तै बजार में।
तोर जस नंइ कोनों,रबो संग संग दुनों,
जोड़ी तोर मोरहावै,करोड़ हजार में।
झन छोड़ मोला जाबे,मोर सही कहाँ पाबे,
फूल मैं गुलाब अँव,गुल गुलजार में।
सावन मा नाचे मोर,हाय रे मयारू चोर,
दिल मोर हासे रोये,तोर ओ खुमार में।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667

मैंह तोर राजा

मैंह तोर दिल के राजा
तैह मोर पीरीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो
**************
मैंह तोर दिल के रानी
तैह मोर पीरीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो
**************
रिमझिम फूहार परे
एसो के सावन मा
नाँचत हे मयूरा रानी
हिरदे के आँगन मा
**************
जियरा अगोरत बइठे
आजा मोर बँइहा मा
झूलना झूलाहू तोला
मया के छँइहा मा
**************
हाय रे सतरंगी छैला
नंइ जाने पीरीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो...
**************
तिही मोर दुख के साँथी
झनजा मोरले दूरिहा ना
आजा रे मोर मयारू
पीरीत के कुरिया मा
**************
जुरमिल रहिबो संगे
एक दूसर साँथ मा
राखे रहूँ जिनगी भर
हाँथे ल हाँथ मा
**************
मैंह तोर गीत गोरिया
तै मोर संगीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो....
**************
तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667

बुधवार, 3 जुलाई 2019

मोहनी सुरतिया

मोहनी सुरतिया तोरे ले डारे परान हो
का जादू डारे गोरी सिरतो ईमान हो
हिरदे के भीतरी मा तही ह समाये ना
तोर मुसकाई मोर जिया ललचाये ना
तिरछी नजरिया तोर लागे नयना बान हो
का जादू डारे ओ गोरी गउ सिरतो ईमान हो
****************
तोषण कुमार चुरेन्द्र

नयना ह तोर

नयना ह त़ोर कटार हे जइसे छुरी के धार हे
अंग अंग भिंझे तोर मया लागे मदरस के झार हे

झुलत रहिथे तोर चेहरा मोर आंखी के कोर मा
तोला बसाएंव मैंहा ओ मोर अंग के पोर पोर मा
झन तै जाबे छोड़के पगली मोला तै मझधार में
अंग अंग भिंझे तोर मया लागे मदरस के झार हे

**************
तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667

शनिवार, 29 जून 2019

आवत नंइहे जोड़ी

आवत नंइहे जोड़ी मोर होगे बतर के बेरा
कोन जनी अउ कोन मुड़ा डारे हावय डेरा

खेती किसानी के चेत नंइहे कइसे तैं बिलमाये
नांगर बइला के हाल.नंइहे कोन ऐला समझाये
दिन बादर बरसात के धराय नंइहे पेरा
कोन जनी अउ कोन मुड़ा डारे हावय डेरा

फूटे परे हे छानी परवा घर हवै बिन हाल के
होगे जइसे मोर जिंनगी बिन पाती जस डाल के
पानी बिन मछरी तड़पे खोजै अपन डेरा
कोन जनी अउ कोन मुड़ा डारे हावय डेरा

पानी बिन जस धरती तरसै देखत बादर कोती
आजा 'तोषण' घर म तैहा गांव म हीरा मोती
कबले तैहा मारत रहिबे एती तेती के फेरा
कोन जनी अउ कोन मुड़ा डारे हावय डेरा

✒✒✒✒✒
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा

शुक्रवार, 28 जून 2019

बदरा रानी

बदरा  रानी  बदरा रानी
लेते आना भर भर पानी
बड़ी  राह  निहारत  बैठे
झूम के नाचे मयुरा रानी

ऋतु सावन  तुझे प्यारी
लगे धरती न्यारी न्यारी
सौंधी खुशबू मिट्टी की
है महके  क्यारी क्यारी

अब ना तुम लगाओ देर
राह  निहारत  आंखें टेर
बरस  अब  कारे  बदरा
समय बीते हो गयी ढेर

छाएगी  मगन हरियाली
बात बोले कोयल काली
हो जगत सारा खुशहाल
जैसे सारी दुनिया पाली

तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667
29_06_19

गुरुवार, 27 जून 2019

पीपर पाना म लिखंव

आज मोर जनमदिन म एचठन नानकून रचना सादर समीक्षार्थ

पीपर पाना म लिखंव दिल के बात ना
कइसे कटे दिन मोरे कइसे कटे रात ना

निचट तोर सुरता आथे सांझे बिहान हो
हो जाथे करेजा चानी सिरतो ईमान हो
नैना निहोरत बइठे होही मुलाकात ना
कइसे कटे दिन मोरे कइसे कटे रात ना

चंदा जइसे तोर चेहरा चमके आगास म
चैन नंइहे दिल म गोरी रहिथे उदास म
निंदिया नंइ आवै बइरी होगे रात ना
कइसे कटे दिन मोरे कइसे कटे रात ना

मोहनी खवाके तैहा मनवा ल रिझा डरे
पीरीत के पानी तोरे देहिंया ल भिंझा डरे
सावन बिन अब होही कइसे बरसात ना
कइसे कटे दिन मोरे कइसे कटे रात ना

तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667
28_06_2019

रविवार, 23 जून 2019

गोरी तोर सुरता

गोरी ओ तोर सुरता मा सावन कस नैना बरसे ना
दुरिहा मा हावस चंदा बरोबर हिरदे तोर बर तरसे ना

मया के रोग लगाके तै मोला ओ बिलमाये
आनी बानी के सपना देखाके कांहा तै भुलाये
भादो महिना के बदरा कस बिन पानी के गरजे ना
दुरिहा,,,,,,,,

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा

मंगलवार, 18 जून 2019

गोरी रे तोर पइरी ह रूनझून बाजे ना

गोरी रे तोर पइरी ह रूनझून बाजे ना
मया म रानी दिल झूमझूम नाचे ना
मोर दिल म समाये,मोला दिवाना बनाये
सोये निंदिया म तैह बही सपना देखाये
गोरी तोर पइरी ह...
चढ़ती जवानी तोर उमर सोला साल हे
होंठ गुलाबी तोर गोरी गोरी गाल हे
चंदा बरन हे चेहरा लागत कमाल हे
हांसी ले फूल झरथे हिरनी कस चाल हे
तोर आंखी के काजर घुमरे करिया बादर
गिरथे पानी बूंद बूंद ले बन जाथे रे सागर
गोरी तोर पइरी ह...
आजा मोर बंइहा म तोला मैंह प्यार देहूं
अपन बनाके तोला जिनगी संवार देहूं
पीरीत के छंइहा रही जइसे घर दुवार देहूं
बनके रहिबो राजा रानी अइसे संसार देहूं
गाबो मया के गीत ल बांधे मया पीरीत ल
सुख दुख ल सहिबो संगे दुनिया के रीत ल
गोरी तोर पइरी ह...
तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667
चित्र गुगल से साभार°°°°


गुरुवार, 30 मई 2019

जवाब नंइहे

ये मोर संगवारी तोर जवाब नंइ हे।
रहिबो संग मिलके कोन्हों खाब नंइहे।

दिही मिसाल सब हमर मितानी के,
कखरो हमर जइसे रूआब नंइहे।

जिथन हमन एक दुसर ल देख के,
राखय कोन जेकर हिसाब नंइहे।

पढ़ही ज़माना अब दुनों के कहानी,
हमर मितानी कस किताब नंइहे।

रहिथन संग दुनों सुख अउ दुख म,
टोर दिही संग कोन्हों शबाब नंइहे।

तोर चेहरा म मन मोहागे

तोर चेहरा म मन मोर मोहागे ना
हिरदे म मया के हिलोर जागे ना


फूल दसमत कस तोर रंग दमकत हे
चंदा बरोबर तोर चेहरा चमकत हे
रिगबिग जिंनगी म अंजोर आगे ना
हिरदे म मया के हिलोर जागे ना


खोपा के गजरा मोर आंखी के काजर
मया तोर बरसे जइसे करिया बादर
जुड़ पुरवइय्या कस छोर लागे ना
हिरदे म मया के हिलोर जागे ना


थाम मोर बंईहा तोला झूलना झूलाहूं
पीरीत के रंग म रानी तोला मैं रंगाहूं
फगूवा म कोयली के किलोर लागे ना
हिरदे म मया के हिलोर जागे ना


तोषण कुमार चुरेन्द्र



बुधवार, 29 मई 2019

तोर पीरीत के बंधना

तोर पीरीत के बंधना गोरी कभू झन टूटय
हावय मोला किरिया छंईय्या संग नंइ छूटय

मर जाहूं तोर बिना कहत हावंव आज
धर थोरि धीरज राजा दू दिन के बात
सपना म तोर चेहरा रात दिन झूलय
हावय मोला किरिया छंईय्या संग नंइ छूटय

देख तोर चेहरा ल चंदा ह लजाए
धन होगे जिनगी तै मोर घर म आए
मया फूल बगिया म फूल मोंगरा फूलय
हावय मोला किरिया छंईय्या संग नंइ छूटय

दूनो झन मिलके आ बसाबो मया कुरिया
फूल कस महकत हे हमर घरबुंदिया
हटे दुख बदरा सबो सुख झन रूठय
हावय मोला किरिया छंईय्या संग नंइ छूटय

पीरीत के छंईहा म मैं राखिहंव तोला
तीही मोर महादेव तीही शंकर भोला
बिरह के जहर जोही कभू झन घूरय
हावय मोला किरिया छंईय्या संग नंइ छूटय

तोषण कुमार चुरेन्द्र

वाटसप थोथनापोथी

वाटसप अउ थोथनापोथी
रहिथे धियान तोर कोती
चिंता रहे सब मितान के
का भेजे हवय बिहान के
कोनो गुडमार्निग कहिथे
कतको झन सुते रहिथे
फोटू दिखथे आनी बानी
कते दादा कतको नानी
सही बात के शोर नंइहे
सबके दुख ल कोन कंइहे
का होवय अब संसार में
तोर मोर घर दुवार में
आवन सुख दुख ल बांटन
जंगल झारी लहुआ लाटन
सुमरन कलरव रामके
होवत बिहना सांझ के

//जय श्री राम जय श्री राधे//

तोषण कुमार चुरेन्द्र

सोमवार, 27 मई 2019

हिरदे के रानी

एक छोटे से प्रयास समीक्षा सह आशीष की अपेक्षा...

लड़का:-
हिरदे के रानी लगे हावय बानी
तैहा आ जाबे ना
तैहा आ जाबे रानी मैं रहिहंव तरिया पार
तैहा आ जाबे ना

लड़की:-
खोपा के गजरा मोर आंखी के कजरा
मैंहा आ जाहूं ना
मैंहा आ जाहू राजा तै रहिबे तरिया पार
मैंहा आ जाहूं ना

लड़का:-
आमा ह मऊरे, कोयली ह मारे तान
बिना देखे तोला गुंइयां छूट जाही रे परान
तैहा आ जाबे ना
तैहा आ जाबे रानी मैं रहिहंव तरिया पार
तैहा आ जाबे ना

लड़की:-
गएंव रे पनिया,झूलाएंव डेरी हांथ
तोला हावय मोर किरिया,झन छोड़बे मोर सांथ
मैंहा आ जाहूं ना
मैंहा आ जाहूं राजा तै रहिबे तरिया पार
मैंहा आ जाहूं ना

लड़का:-
गरमी के दिन मा, पीयेला कोला ओ
काली आबे की नंइ आबे बतादे मोला ओ
तैहा आ जाबे ना
तैहा आ जाबे रानी मैं रहिहंव तरिया पार
तैहा आ जाबे ना

लड़की:-
राजिम मंदिर हे,सुग्घर तीरिथ
चरदुनिया नंइहे राजा,मोर ये पीरित
मैंहा आ जाहूं ना
मैंहा आ जाहूं राजा तै रहिबे तरिया पार
मैंहा आ जाहूं ना

लड़का:-हिरदे के रानी.....
लड़की:-खोपा के गजरा...

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडीलोहारा
बालोद छत्तीसगढ़
४९१७७१
९६१७५८९६६७

शनिवार, 2 फ़रवरी 2019

तोर डेहरी

तोर डेहरी मा दुर्गा दाई
जमके भराथे मेला ओ
दरसन खातिर भगतन के
लगथे गजब के रेला ओ

फूल दसमत के चढ़ावंव
आरती तोर उतारंव मंय
टूटहा फूटहा भाखा ले दाई
गुण ल तोर गावंव मंय
पान सुपाड़ी धजा लेके
देवंव नरिहर के भेला ओ
दरसन खातिर भगतन के
लगथे गजब के रेला ओ

बड़े बड़े रीशि मुनि ल तारे
महूल थोरिक सहार दे दे
ये दुनिया म हवंंव दुखिया
अपनेच मया दुलार दे दे
जग के तैहर गुरूमाता दाई
अपन बनाले तैं चेला ओ
दरसन खातिर भगतन के
लगथे गजब के रेला ओ

आस पुराए सबके तैहर
मोरों आस पूराबे ओ
तोरेच लइका मैं हंव दाई
मोला झन भूलाबे ओ
अंगुरी धरके रेंगाले संगे
रही जावंव न अक्केला ओ
दरसन खातिर भगतन के
लगथे गजब के रेला ओ

पूजा पाठ कुछु नंइ जानव
कोंदा लेड़गा तोषण अंव
बनीभूती सं तोर आशीष ले
सबला पालत पोसत हंव
सुख के बरसा करदे दाई
झन हो दुख के झमेला ओ
दरसन खातिर भगतन के
लगथे गजब के रेला ओ

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडीलोहारा
९६१७५८९६६७

शनिवार, 19 जनवरी 2019

घूंट कड़वा इश्क़ का

घूंट कड़वा इश्क़ का अब पीया नहीं जाता।
बिना तेरे दीदार के अब जीया नहीं जाता।
कटेंगे कैसे यूं पल पल हर दिन ऐ तोषण,
तन्हाई में बेचैन दिल अब सीया नहीं जाता।

गुरुवार, 17 जनवरी 2019

गणतंत्र दिवस

एक प्रयास
मनहरणघनाक्षरी /कवित्त छंद में

आन बान शान देखो,देश का निशान देखो,
लहर लहर करे,नीले आसमान में।
इसकी निराली बात,सबसे है यह खास,
वीरों की थाती मानों,बसा निगेबान में।
लाल बाल पाल भिड़े, आजादी के गीत लिये,
बन गुल जो ये खिले,मेरे बागबान में।
हमने आजादी पायी,तन मन हरषायी,
हुआ गणतंत्र अब,देखो हिन्दूस्थान में।

माथ मैं नवाऊं आज,जिनपे है हमें नाज़,
जय जय करता है,सारा हिन्दूस्थान है।
क्रांतिकारी बनकर,सुख दुःख तजकर,
मेरे हिन्दूस्थान को ये, बनाया महान है।
भित पट तुम खोलो,भारत की जय बोलो,
झूमे नाचे गाए गीत,खेत खलिहान है।
'तोषण' ये आज कहे, मिलकर सब रहे,
एकता के दीप जले,मिले परवाज़ है।

तोषण कुमार चुरेन्द्र

बुधवार, 9 जनवरी 2019

अनूठा

प्रदत्त शब्द-अनूठा, अनुपम,अनोखा,अजब
आधारित दोहा सादर अभिवादन के साथ संप्रेषित

1.
अनुपम  तेरी  है  दशा , अनुपम  तेरी  रीत।
बिन  तेरे  दीदार  से , कैसे होगी  प्रीत।।

2.
प्रेम  अनूठा  जानिए , गढ़ता  जो  इतिहास।
मीरा  तुलसी  बन चलें , जीवन  हो  मधुमास।।

3.
अजब  - गजब  है  प्रेम  ये, हर  लेती  है  प्राण।
मन  को  करता  वश में  , नैनों  की  ये  बाण।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र

मंगलवार, 8 जनवरी 2019

बिरह गीत

*बिरह गीत*

मोरले का अइसे गलती होगे भूला दिए मोर प्यार ला।
बिन बांती के दिया बरोबर करदेस मोर संसार ला।

सपना रिहिस तोला रानी बनाके मया के कुरिया बसातेंव।
जिनगी के मोर बगइचा मा मया के फूल खिलातेंव।
नंइ सके अब सकंव रे रानी तोर बिरहा के मार ला।
बिन बांती के दिया बरोबर करदेस मोर संसार ला।

घेरे रहिथे मोला दुख के बादर सुरता तोर रोवाथे।
बरसा बरोबर झरथे रे आंसू बइरी मोला सताथे।
कब तै आबे मोर तीर जोही जोहत रहिथंव तरिया पार ला।
बिन बांती के दिया बरोबर करदेस मोर संसार ला।

बइहा बनाके कहां भूलागेस किंजरंव नंदिया के छोर मा।
झूलत रहिथे तोरेच चेहरा मोर आंखी के कोर मा
तरसे 'तोषण' आजा 'खुशी' तैं पाए बर दीदार ला।
बिन बांती के दिया बरोबर करदेस मोर संसार ला।

रचनाकार
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडीलोहारा
बालोद छत्तीसगढ़
पिन ४९१७७१
मो.९६१७५८९६६७

सोमवार, 31 दिसंबर 2018

नवा बरस

*नवा बरस के नवा सुरूज के नवा सतरंगी किरण के संगे संग तोषण कुमार चुरेन्द्र के डहर ले नवा बरस २०१९ के गाड़ा गाड़ा बधई अउ शुभकामना...*

🍃🍂🍁🌾🌹🥀🌺🌸🌼
*नवा बरस के नवा गोठ।*
*सियान मन कहिथे पोठ।*
*लगथे सुनें मा नानचुन,*
*समझे मा बड़का रोंठ।*
🌷🌻🌼🌺🥀🌾🍁💐🍃
*नवा बरस म कुछ नवा होय।*
*गोठियाय म कुछू नंइ होय।*
*मन लगाके करम करव,*
*तब नवा अंजोर कहीं होय।।*
🌷🌻🌼🌺🥀🌾🍁💐🍃
*चिल्ला चिल्ला के काहत हावय।*
*नवा साल बड़ मनावत हावय।*
*कांटत हावय कुकरा बोकरा,*
*पी पी के बड़ मेछरावत हावय।।*
🌷🌻🌼🌺🥀🌾🍁💐🍃
*पाछू साल ले कुछू सीख लेवव।*
*सोच बिचार बढ़िहा नीक लेवव।*
*अवईया पीढ़ी सलामत रहय,*
*अईसन जोरदरहा सीख देवव।।*
🌷🌻🌼🌺🥀🌾🍁💐🍃
*तोषण कुमार चुरेन्द्र*
*९६१७५८९६६७*
🌷🌻🌼🌺🥀🌾🍁💐🍃

रविवार, 30 दिसंबर 2018

व्यंगात्मक दोहे तोषण के

*कपट कुटिल की चाल है,पिटता बिरथा ज्ञान।*
*बढ़ता देखे और को,खींचे अलग कमान।।*

*आया देखा साब को,बजा ताल से ताल।*
*तोषण बदले राह अब,देख गैर की चाल।*

*देखा हमने आज भी,व्यापित अवसर वाद।*
*खुद ही करने लग गये,लेकर माइक नाद।।*

सोमवार, 10 दिसंबर 2018

मया के कारी बदरा...

मया के कारी बदरा छाए,रिमझिम बरसय पानी
होगेंव दिवाना तोर मया म होगे दिल चानी चानी
ते आजा सजनी मोर संग ना

बोली ले झरथे मया के फूलवा,अंग अंग ल महकाथे
सर सर बोहिथे पवन झकोरा,मनवा मोर लहराथे
तोर बिना रे कारी कोयलिया
सुन्ना मोर जिनगानी
होगेंव दिवाना..........

तरसत रहिथंव तोर मया बर,कांही मोला नंइ भावय
तोर बिरह के पीरा रे जोही,रही रही मोला सतावय
तोर बिना जीए नंइ सकंव,लगेहे मोला बानी
होगेंव दिवाना.......

आजा गोरी तोला बलावंव,सुनले मोरो गोहार ला
झन तंँय तरसा मोर जिवरा ल,समझलेबे मोरो प्यार ला
तोर मया के मंँय हँव राजा,मोर मया के तँय रानी
होगेंव दिवाना.......

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा

मंगलवार, 27 नवंबर 2018

सुरता

सुरता हा आथे तोर, आरो ले ले मोर।
तोर मया म होगेंव दीवाना, धीरज नँइहे थोर।।
सुरता.....

कोन जनी का रोग हमावय,खवई पियई कछु नँई भावय।
तोर मया के बदरा बैरी,रही रही आँखी म छावय।।
मोर हिरदे के भीतरी, झुले चंदा चेहरा तोर....
सुरता.....

कोयली सही तोर बोली,मन ल मोर भावय ना।
बिना तोला देखे गोरी,रहय नँई तो जावय ना।।
जिनगी मा आके तैहा,करदे जग अंजोर....
सुरता....

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा

सोमवार, 19 नवंबर 2018

मतदान

शुभ बिहान

संगी मत वाला हरव,करलव मत के दान।
सोच समझ नेता चुनव,लाही नवा बिहान।।

कीमत समझव वोट के,बनथे जी सरकार।
जावव दव मतदान सब,होवय झिन बेकार।।

नेता मन के छाँट लव,देवव सबझन वोट।
हक के खातिर मिल चलव,झन लेवव गा नोट।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667

तुलसी बिहाव

*तुलसी बिहाव के ऊपर दोहा तोषण के*

जनम धरे शिव तेज ले,हवय जलन्धर नाँव।
थर-थर काँपय देवता,भागय डरके गाँव।।

बड़भगमानी हे सती,बिन्दा जेकर नाँव।
बरन करय जलन्धर के,सुघ्घर परके पाँव।।

बढ़थे अत्याचार जब,देव करय गोहार।
महादेव भोले करव,दानव के खोहार।।

लड़त लड़त जलन्धर ले,शंखर मानय हार।
जाके हरि के तीर मा,माँगत हे उपचार।।

मानय बतिया देव के,हरि होगे तइयार।
बिन्दा के सत भंग बर,चलिस हवय जी द्वार।।

होवय बिन्दा अपबरित,मरय जलन्धर आज।
सतबल ले हे जानलिस,रमारमन के राज।।

होवय शापित जब बिसनु, बनगे सालीग्राम।
होगे बिन्दा अब अमर,धरके तुलसी नाम।।

रचना तोषण के हरे,अमर कथा के सार।
भूलचूक ला दव छमा,करदव मोला पार।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667

गुरुवार, 4 अक्टूबर 2018

नहीं जाता

छूने की चाहत चाँद को पर हाथ नहीं जाता
गेसुओं पे उसके सोने का यूँ दिन नहीं आता
बड़ी ही कश़्मकश़ में है जिन्दगी अपनी यारों
गम ए जुदाई का यूँ ही जहर पीया नहीं जाता

रविवार, 30 सितंबर 2018

वेश


अलग-अलग पहचान है,अलग- अलग है वेष।
भारत की ये शान है,.......कहीं नहीं है क्लेष।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र

बुधवार, 26 सितंबर 2018

बेटी ल सूरुज बनावव

करत हवँव गोहार मँय नवा अँजोर बगरावव।
चंदा उइथे रातकून बेटी ल सूरुज बनावव।

एक कुल बेटा सम्हाले बेटी दुकुल सँवारत हे।
बनके दाई इही बेटी ममता अपन लुटावत हे।
परिवार रुप ये बगिया म फूल सही सजावव।
चंदा उइथे रातकून बेटी ल सूरुज बनावव।१।

पढ़ही लिखही स्कुल म नाँव देश के करही।
दाई ददा गाँव समाज के मान एकर ले बढ़ही।
देवारी के दीया बनाके घर घर एला जलावव।
चंदा उइथे रातकून बेटी ल सूरुज बनावव।२।

चिरई बन चहकन दव ए खुला आसमान म।
बेटी ल घलो सिखावव कइसे जिथे जहान म।
उड़त रहे चारो मुड़ा अइसन पतंग बनावव।
चंदा उइथे रातकून बेटी ल सूरुज बनावव।३।

कोख प पलत बेटी ल ये दुनिया आन दव।
करन देवव सपना पूरा संगी हो पहिचान दव।
बेटा बेटी के भेदभाव मन ले दूरिहा भगावव।
चंदा उइथे रातकून बेटी ल सूरुज बनावव।४।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
ग्राम धनगाँव डौंडी लोहारा
जिला बालोद छ.ग.४९१७७१
मो.९६१७५८९६६७

मंगलवार, 25 सितंबर 2018

गम न हुई


दूरियाँ ये दिलों की कभी कम न हुई।
उनकी यादों में आँखें कभी नम न हुई।
कैसे जुदा हो गई मुझसे नादाँ वो खुशी,
जुदाई में जिंदगी ये  कभी गम न हुई।

तोषण कुमार चुरेन्द्र

सुरता

सुरता मोर वोह कभू करय नहीं।
बात मोर थोरको कभू धरय नहीं।
कब तक मँय जिहूँ अइसने संगी,
जीव घलक मोर अब मरय नहीं।

शनिवार, 15 सितंबर 2018

मैं तेरी परछाई हूँ

मैं तेरी परछाईं हूँ मुझे छोड़ कहाँ तुम जाओगे।
मैं तेरी राधिका प्यारी मुझसी कहाँ तुम पाओगे।
माखनचोर केशव मेरे तुझमे मैं हूँ मुझमे तुम हो,
अमिट प्रेम का रंग हे कान्हा कहाँ तुम लगाओगे।
तोषण कुमार चुरेन्द्र

बुधवार, 12 सितंबर 2018

अपनी ना रही

अनजाने दुनिया में अब कोई उम्मीद अपनी ना रही।
माना है जिसे  जान से भी ज्यादा वो अपनी ना रही।
प्यार भरी बाते वो वादे वो कसमें अब लगते हैं झूठे,
गम का तो नाम नही यारों 'ख़ुशी' भी अपनी ना रही।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र

रविवार, 2 सितंबर 2018

दोहे तोषण के

*कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर आप सभी को बधाईयांँ व ढेर सारी शुभकामनाएँ*

*कृष्ण जन्माष्टमी पर तोषण के आठ दोहे*

नमन करूँ नटवर को,है जो चित के चोर!
माखन जिनका भोग प्रिय,मुकुट पंख है मोर!!१!!

पुण्य दिवस है आज ये,करलो मंगल गान!
देने गीता ज्ञान को,जनम लिए भगवान!!२!!

नंदलाल के घर चले,मध्य रात भगवान!
जन्में कारागार में,देवकी वसु महान!!३!!

गिरवर नटवर नाम है,वासु देवकी लाल!
मीरा राधा है प्रेयसी,है काली के काल!!४!!

देख मित्र के पाँव को,बहे नयन से धार!
मुट्ठी चावल तीन के,दिया बड़ा उपहार!!५!!

रथ हाँके बन सारथी,जरा नही अभिमान!
समरभूमि के बीच में, देते गीता ज्ञान!!६!!

आजा मेरे फिर प्रभो,रख दो सबकी लाज!
भारत माता रो रही,द्रवित होकर आज!!७!!

सुख शांति चहुँ ओर हो,बहे प्रेम की धार!
तोषण की अर्जी सुनो,जरा करो उपकार!!८!!

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
छत्तीसगढ़ ४९१७७१
मो.९६१७५८९६६७

शनिवार, 25 अगस्त 2018

राखी के तिहार आगे

राखी के तिहार आगे, तिहार आगे राखी के!
अँड़े सीमा म भइय्या सखी ,राखी हे मोर बिन पाखी के!!

गाँव के खेती खार पूछथे मोर बेटा जवान आगे
रुख राई डोंगरी पहाड़ी संग बदरा घलो रुसागे.
खोड़वा होगे तोर बिन भइय्या मोर पाँव बिन बइशाखी के....
अँड़े सीमा म......

गाँव के गउठान पूछतहे कब आबे तँय गाँव म.
झुलना झूलबे कब तँय बेटा लीम पीपर के छाँव म.
आजा माटी के बंदन करले पीरी जुड़ा ले छाती के....
अँड़े सीमा म......

दाई ददा के राजा बेटा मोर दुलरवा भइय्या कहिथँव.
राखी बर आबे भइय्या मोर आस लगाए बइठँव.
निहोरा करत ढर ढर ढरथे आँसू मोर आँखी के....
अँड़े सीमा म......

गुरुवार, 23 अगस्त 2018

छत्तीसगढ़ के बनइय्या नँइहे

*छत्तीसगढ़ के बनइय्या नँइहे*

छत्तीसगढ़ के बनइय्या नँइहे.
कविता के पढ़इय्या नँइहे.
मोर भारत के स्वाभिमान ल,
अटल कस बढ़इय्या नँइहे.
१.
बनके अनु ले परमानु जइसे,
नवा शक्ति संचार भरिस.
मोर देश के अंग अंग मा,
सुरुज किरन कस अंजोर करिस.
गुड़हा असन बोली भाखा म
बोल गुरतुर गोठयइय्या नँइहे.
मोर भारत के.......
२.
बइरी ला घलोक संगी जानय,
सदा अपन जे गला लगाइस.
अमीरी गरीबी के खँचवा पाटय,
दुखिया मनबर भला कहाइस.
मोर भारत महतारी के झरझर,
ढरत आँसू के पोछइय्या नँइहे.
मोर भारत के.......
३.
बनके भारत के मुखिया जेहा,
भारत माता के सेवा बजाइस.
सबझन के रही वो दुलरवा,
दुनिया मा भारत रतन कहाइस.
कभू राजनेता,कभू कवि बनके,
मन के पीरा बतइय्या नँइहे.
मोर भारत के.......
४.
रोवत हे पूरा भारतवासी,
ढर ढर आँसू बोहावत हे.
लहुट के आबे अउ अटल,
मोर छत्तीसगढ़ गोहरावत हे.
तोर छोड़ अब ये तोषण के,
अउ कोनों पुछइय्या नँइहे.
मोर भारत के......

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
छत्तीसगढ़ ४९१७७१
मो.९६१७५८९६६७

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शिवनाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...