गुरुवार, 28 जून 2018
आभार
बुधवार, 27 जून 2018
धनगाँव के बजार मा
आ जाबे मोर रानी तैंहा,,, धनगाँव के बजार मा.
गुपचुप खावाहूँ तोला रे गोरी--२ लेहूँ सोला सिंगार ना.
करे मुखारी जामुन डारा,,, पानी ल धरे कटोरा मा.
पथरा होगे मोर आँखी हा,,,बही ओ तोर अगोरा मा.
तोर मया होगेंव दिवाना,,,किजरँव खारे खार मा.
आ जाबे मोर रानी तैंहा,,,,.....
कोयली कूहुके आमा के डारा,,,मोर मँजूर मन नाचय ओ.
पड़की परेवना मारय ताना,,,संगी जँहुरिया हाँसय ओ.
चारो कोती तोरेच चेहरा,,,घूमत रहिथे घर दुवार मा.
आ जाबे मोर रानी तैंहा,,,
घरे बनाय छाये ल खपरा,,,कँऊवा बइठे छानी मा.
मन मोहागे तोर पाछू,,,जादू भरे तोर बानी मा.
सूतत उठत तोरेच सुरता,,,का अँजोरी अँधियार मा
आ जाबे मोर रानी तैहा,,,
©®
*तोषण कुमार चुरेन्द्र*
*२७/६/१८/७/४०पू.*
गुरुवार, 21 जून 2018
दोहे तोषण के
गलती मेरी देख के,करना मुझको माफ!
जितने मन में मैल है,हो जाए सब साफ!!
देख सखी बरसात में,पवन मचाए शोर!
नाचत मयुरा देख के,मनवा उठे हिलोर!!
जब सावन आषाढ़ मे,मेढक शोर मचाय!
होकर दिल मजबूर ये,चाहत गीत सुनाय!!
सावन में सब है हरा,झूमता खेती खार!
होती हरियाली परब,मगन भए संसार!!
फूँक फूँक रखलो कदम,मन में रखलो बात!
लेकर दीपक सब चलो,कट जाएगी रात!!
चल चल साथी साथ तू,ले मशाल जो हाथ,
करता सबपे है दया,मेरे दीनानाथ!!
मेरा तेरा कुछ नहीं, सब माया बाजार!
है दो दिन की जिंदगी,सबसे करलो प्यार!!
इस कलयुग संसार में,केवल हो विश्वास!
धरम करम होगा सदा,है तोषण को आस!!
आता जाता कुछ है नहीं,कैसे लिखता छंद!
पढ़ा लिखा ज्यादा नहीं, हूँ मैं जी मतिमंद!!
तोषण कुमार चुरेन्द्र
९६१७५८९६६७
शनिवार, 26 मई 2018
क्यों है..
मेरी तन्हाईयों में तेरी याद आती क्यों है.
मेरे जख़्में दिल को तड़पाती क्यों है.
बहते रहते हैं मेरी आँख से आँसू हमेशा,
नसीब मेरा तुझे मुझसे छुपाती क्यों है.
तोषण कुमार चुरेन्द्र
पपपपप
पलता पल-पल प्रेम से,पुण्य प्रकृति परकाज!
पुलके पुंज प्रताप के,पावन हो परवाज!!
तोषण कुमार चुरेन्द्र
हिरदे के बात
जानस काबर तँय नही, मोर हिरदे के बात !
सुरता आथस रे बही,तँयहर सारी रात !!
तोषण कुमार चुरेन्द्र
हाइकु विविध
व्याकुल धरा
मेघ के नयन से
बरसे नीर
करूणा मयी
माता जगजननी
लगती प्यारी
चले कृपाण
वसुंधरा हैरान
रोती नदियाँ
भूमि तनुजा
भूमिका श्रीराम की
लंका ढहायी
सोम बरसे
राम के दरबार
जीवन धन्य
उलूक जागे
बीहड़ रजनी में
दुनिया सोता
तोषण कुमार चुरेन्द्र
बुधवार, 23 मई 2018
दोहे तोषण के
दोहे तोषण के...
अनुभव तो होगा कभी,वो ममता वो प्यार.
जिनसे जीवन में मिला,स्नेह प्रेम संसार.!!१!!
जीवन ये अनमोल है,यूँ कुड़े मे न रोल.
पाप पुण्य के खेल में,बिरथा बाजा ढोल.!!२!!
मेरी नइया धार में, हाथ नहीं पतवार.
होता साथी जो यहाँ,सबको करता पार.!!३!!
रोटी कपड़ा औ मकाँ,देता सबका साथ.
मंजिल होगा पास में,लो हाथों में हाथ.!!४!!
मौसम गरमी का यहाँ,तपती जलती धूप.
ठंडा पानी सब पियो,पल पल निखरे रूप.!!५!!
तोषण कुमार चुरेन्द्र
गुरुवार, 17 मई 2018
तुझसे ही
तुझसे ही मेरी सुबह है तुझसे ही मेरी शाम है
तुम ही हो जिन्दगी में मेरी लब पे तेरा नाम है.
छोड़ न जाना मुझे कभी मझधार में ए खुशी,
तुझसे ही करता रहूँ प्यार मैं यही मेरा काम है.
तोषण कुमार चुरेन्द्र
मंगलवार, 15 मई 2018
दोहा
करनी कथनी एक हो,बांट न बिरथा ज्ञान।
करता है उपकार जो, जग में वही महान।।
प्यासे को पानी मिले,भोजन करे समान।
सबका जीवन हो सुखी, जानो संत सुजान।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
माँ
दिया तुमने जनम मुझे ये तेरा एहसान है.
माँ तेरे कदमों में ही मेरा सारा जहान है.
कर्म धर्म मेरा कितना भी अच्छा हो माँ
पूरी कायनात में माँ एक तू ही महान है
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छ. ग.
जीवन
फूलों की खुशबूओं सी महकता रहे जीवन
पक्षियों की कलरव सी चहकता रहे जीवन
सदा रहे कायनात तेरी खुशियों से भरी हुई
दीपक की ज्योति सी दमकता रहे जीवन
तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छ. ग.
गुरुवार, 10 मई 2018
सरस्वती वंदना
सरस्वती माँ की चरणों में सदा बहती ज्ञान की धारा
आओ मिल सब डुबकी लगायें यह सौभाग्य हमारा
जब तक जीवन सीखते जायें इसका नहीं किनारा
बालकपन से वृद्धावस्था होता नहीं है गँवारा
ज्ञान की ज्योति होती जहाँ पर होता नहीं अँधियारा.....
हम अबोध अज्ञानी जग के हमको है कुछ आता नहीं
तेरी जैसी इस जहान में और दूजा कोई माता नहीं
शरण पड़े है मिलकर दर पे दे दो हमको सहारा......
पाकर कृपा तेरी माता हम तो धन्य हो जायेंगे
दिये ज्ञान जो तुमने दाती जग में उन्हें लुटायेंगे
ज्ञानवान विद्वान सभी हो भारत समृद्ध सारा......
तोषण कुमार चुरेन्द्र
arhkepagakalagi.blogspot.com
सोमवार, 7 मई 2018
डीलेड
दो हजार उन्नीस तक, डीलेड करें पास!
लिख पढ़ लेना भाइयों,जीवन होगा खास!!
तोषण कुमार चुरेन्द्र
९६१७५८९६६७
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सोमवार, 2 अप्रैल 2018
बागान
बागान
खिलता पुष्प
धरा के बागान में---
झूमते पक्षी.
बागान देख
नाचे मन मोर है---
बावरी होके.
आते तितली
सतरंगी बाग में--
मनवा लागे.
हुआ सवेरा
मुस्कुराता बागान---
कलियाँ देख
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छ. ग.
मोर बिसाय गजरा
मोर बिसाय गजरा ल खोपा म लगाले.
आनी बानी के सोला सिंगार ल सजाले.
गजब दिन होगे रे बइरी देखे रेहेंव तोला,
एक घड़ी बइठ आँखी म अपन बसाले.
तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगाँव
मोर आँखी के पुतरी
*समीक्षा बर आप सब के बीच प्रस्तुत*
*"मोर आँखी के पुतरी"*
*मोर आँखी के पुतरी कस चमकत रहिबे,*
*बनके फूल मन बगिया म महकत रहिबे!*
*झिन सिरावय मया तोर मोर बर संगी,*
*चिरइ कस हिरदे अंगना म चहकत रहिबे!*
*सावन के महिना बरसा बरोबर गुंइया,*
*बन ठन मया के बरखा बरसत रहिबे!*
*छावय झन दुख के बदरा तोर होंठ म,*
*फूल जस मंउहा खुल खुल हँसत रहिबे!*
*सरदी गरमी रीतु बरसात रहय चाहे,*
*सदा सुहागिन फूल जस सँवरत रहिबे!*
*भुल नइ पाहू तोला कभू मँय तोषण ह,*
*बइठ मया के रस्ता मोला अगोरत रहिबे.*
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद ( छ. ग.)
शनिवार, 31 मार्च 2018
दुनिया में मोर बजरंगी
दुनिया में मोर बजरंगी
🌹👏🌹👏🌹👏🌹
दुनिया में मोर बजरंगी के नाम बड़े हे।
नाम बड़े हे प्रभु के काम बड़े हे।
दुनिया में मोर---------
राम नाम दिन रात जपत हे करत राम के काम।
भरत सही पिरोहिल राम के ह्रदय लगाये राम ।
सूरज ला लीलने वाला के
सूरज लीलने वाला के काम बड़े हे।
दुनिया में मोर बजरंगी के नाम बड़े हे।
दुनिया में---
अवध पुर में बेंदरा बन आगे भोला के अंवतारी।
अपने बनगे बेंदरा शिवजी ,अपने बने हे मदारी।
नाच के राम रिझईया के
नाच के राम रिझईया के काम बड़े हे।।
दुनिया में मोर बजरंगी के नाम बड़े हे।
दुनिया में--
ब्राहम्ण रूप मा मिले राम ला होइस जब बनवास।
बाली के डर में रिष्यमुक में सुग्रीव करे निवास ।
राम सुग्रीव के मिलइया के
राम सुग्रीव के मिलइया के काम बड़े हे।।
दुनिया में मोर बजरंगी के नाम बड़े हे
दुनिया में-----
सीता के पता लगाये खातिर कइसे समुद्र ला नापे।
रावण के बाटिका उजारे दानव दल सब कांपे।
पूंछ में लंका जलइया के
पूंछ में लंका जलइया के काम बड़े हे।।
दुनिया में मोर बजरंगी के नाम बड़े हे।
दुनिया में--
विभीषन संग करे मिताई लंका के भेद ला पाये।
माँ सीता के गोदी मा मुंदरी तंही गिराये।
सीता ला सुख पहुंचइया के
सीता ला सुख पहुंचइया के काम बड़े हे।।
दुनिया में मोर बजरंगी के नाम बड़े हे।
नाम बड़े हे प्रभु के काम बड़े हे।
दुनिया में मोर बजरंगी के नाम बड़े हे।।
केवरा यदु "मीरा"
हनुमान जन्मोत्सव
दोहा
बुध नइहे गा थोरकी,नइहे कोनों ग्यान.
बल बुध मोला दे बिद्या,सुमरँव मँय हनुमान..
ग्यानी ध्यानी बीर तँय,करनी तोर कमाल.
किरपा बरसा आज तँय,हो सब जाय निहाल.
अंजनि माता के लला,अतुलित बल के धाम.
काज बना दे मोर तँय,संग तोर हे राम.
हनुमान जन्मोत्सव के
पावन अवसर म
सब झन ल बधई संग
गाड़ा भरके शुभकामना....
तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगाँव
३१/३/१८
बुधवार, 28 मार्च 2018
सरस्वती वंदना
वीणा पाणि के चरणों मे
मेरा कोटि प्रणाम है
जिनसे मुखरित वेद चारों
गुंजित चारों धाम है....वीणापाणि.....
ब्रह्मा गावै विष्णु ध्यावै
देवता मिल सब राग सुनावै
वंदना से होती सुवासित
मेरे सुबह औ शाम है.......
वीणापाणि के चरणो में....
पद्मासन में तू है विराजित
श्वेताम्बर से है तू साजित
मेरी मइय्या तेरी कृपा से
होता मेरा नाम है......
वीणापाणि के चरणों में
तोषण कुमार चुरेन्द्र
मंगलवार, 27 मार्च 2018
निषादराज के दोहे
निषाद राज के दोहे:-
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फूल खिले हैं बाग में,गेंदा अरु कचनार।
भँवरा गातें गीत हैं,कोयल कुहके डार।।
वन में देख बहार है ,परवत पे हरियाय।
शीतल मंद समीर है, वर्षा खींचे आय।।
नमन् करूँ गुरुदेव को,दे मुझको वरदान।
मन मेरा उज्ज्वल बने,मिटे मोह अज्ञान।।
शान तुम्हारी जाय ना,ना कर ऐसा काम।
जग में ऐसा तुम करो,चले हमेसा नाम।।
माँ तो सागर प्यार का,डुबकी लेहु लगाय।
ऐसा अवसर ना मिले,समय बीत पछताय।।
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रचनाकार:-
बोधन राम निषाद राज
सहसपुर लोहारा,कबीरधाम (छ.ग.)
All Rights Reserved@bodhanramnishad
भाखा विज्ञानी
भाखा विज्ञानी बनिस हवय पहिली बेर इहां कुलपति
अब भरोसा जागत हवय बढवार ल मिलही बनेच गति
छत्तीसगढी के मान बाढही सिरतोन के बनही राजभासा
शिक्षा-दीक्षा संग राजकाज चलही एमा अइसे हे आसा
-सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 9826992811
हसीन पल
हाइकु पञ्च
***************
हसीन पल
यों बिखर न जायें
थोड़ा संभल
एक भी लम्हा
खुशी का न गुजरा
आज भी तन्हा
हरेक घड़ी
तू मुस्कुराता चल
खुशियां खड़ी
आज न कल
कोई नहीं बाँटता
दुःख के पल
एक ही हल
कर्म सिद्धान्त बड़ा
सत्य पे चल
*************************
🌲💧निर्मल 'नीर'💧🌲
अना है सब में
🌺🌷अना है सब में🌷🌺
मुहब्बत का सागर बसा है
सब में
मत भूलो थोड़ी सी अना* है
सब में
वफ़ा के बदले वफ़ा चाहते
हैं लेकिन
जफा** का घर भी सजा है
सब में
खुशी की चाहत , गमों से नफरत
है मगर
इस जज्बात के पीछे कौन चला है
सब में
जो भी चाहते हैं कर सकते
हैं मगर
डर खुदा का हर पल पला है
सब में
सबको सिर्फ नेकी की राह
चलना है "राकेश"
नेकी-बदी बतानेवाला बसा है
सब में...✍🏼
* अहम ,ईगो
** बेवफाई
_🌺राकेश कुमार मिश्रा🌺_
मेरी आँखें
मेरी आँखों मे, उतर आई है।
अब तन्हाई।
दूर तुमसे क्या हुई, ये जहां रास न आई।
कल तलक बाहों का सहारा था बहुत,
आज डराने लगी खुद मेरी परछाई।
तेरी चाहत की हमकों बस तमन्ना थी,
ये न सोचा था कि है कितनी गहराई।
अब भी सुनी हैं हाथें मेहंदी बिन,
कब कानों में गूँजेगी मेरी शहनाई।
प्यार तुझसे नही एकबार कह दिया होता,
न जिल्लतें होती न रुषवाई।
शशि तिवारी, महुवा, दुर्ग cg।
7805806358
गजल
ग़ज़ल
मैं तेरा गम भुला नहीं सकती
दर्द अपना बता नहीं सकती
मैंने काटी कई रातें तन्हा
जिंदा हूँ क्यूँ बता नहीं सकती
ख़्वाब मेरे कई अधूरे है
पर उन्हें मैं भुला नहीं सकती
जागते रहना सीखा आँखों ने
मैं इन्हें अब सुला नहीं सकती
कौन किसका यहाँ पे है सरिता
वक्त को मैं दिखा नहीं सकती
सरिता कोहिनूर 💎
खेलत राम
हाइकु
खेलत राम
माँ कौशल्या अंगना
चारो भइया।
बाजे नूपुर
छुम छुम छनन
मैया मगन।
मात सुमित्रा
देखि देखि सुत को
भाग्य सराहे।
दौड़त राम
लखन भरत भी
संग शत्रुध्न।
माँ कैयकई
मगन मन में हो
निहारे लाला।
अंगना झूमें
प्रभू पांयन चूमे
धन्य भाग्य है
भोजन छोड़
इत उत भागत
मुख में दधि।
पिता बुलावे
गोद ले दुलरावे
भागत उठ।
चारो भइया
नाचे ता ता थइया
देखे मंइया।
धन्य भाग्य है
अयोध्या नगर के
आये राम जी।
पंछी चहके
फुलवारी महके
देख राम को।
मगन नर
नारी गीत गाती है
पंइया पड़।
केवरा यदु"मीरा"
बे खबर
' बे खबर '
मैं बे खबर हूँ तेरे हौसलों से, तू खेल रहा मेरे उसूलों से,
मत कर ऐसी दगाई मेरे राही, हाल मैंने नहीं दिल ने जाना है।
मैं बे खबर हूँ तेरे हौसलों से,
तू खेल रहा मेरे उसूलों से...!
तुझे दिया फूल बे असर हो रहा,
पहाड़ों पर लिखे नाम तू भूल रहा,
इतना भी तूने क्या जायज कर दिया,
मेरा दिल भी हमेशा बे कसूर रहा |
मैं बे खबर हूँ तेरे हौसलों से,
तू खेल रहा मेरे उसूलों से....!
जगमगा रही जिंदगी को बुझाने लगा हैं,
भीग रहे ख़्वाबों को तू सुखाने लगा है,
मेरे रह गुज़र को मिटा रहा हैं तू,
पर अब मैं खबरदार हूँ तेरे वसूलों से |
मैं बे खबर हूँ तेरे हौसलों से,
तू खेल रहा मेरे उसूलों से...!
दिल पर दगाबाजी की मुहर लगा रहा,
जिंदगी की कुछ यादें वो पहर गंवा रहा,
मेरे चंद महताबों में शुमार रखूँगा,
मेरी अकेली राह में एक तू कारवां रहा |
मैं बे खबर हूँ तेरे हौसलों से,
तू खेल रहा मेरे उसूलों से....
मत कर ऐसी दगाई मेरे हमराही,
हाल मैंने नहीं दिल ने जाना है।
🖋 खेतदान चारण ' स्नेहीमन '
जिंदगी की राहों मे..
जिंदगी की राहों में ,
दोस्ती का महफिल मिलता है ,
तुम मिलो या ना मिलो ,
रास्ते हजार मिलते है !
जिंदगी एक टूटी हुई चिंगारी हैं ,
जिसमें आग लगती रहती हैं ,
कभी यह आग सुलगती तो ,
कभी मुरझाती रहती है !
~ रूपेश कुमार©
ईमली
🌷यशवंत"यश"सूर्यवंशी 🌷
भिलाई दुर्ग छग
हाइकु
🥀ईमली🥀
मन मचला
संतान के संकेत ~~
ईमली खट्टी ।
ईमली छांव
चौपाल बैठे गांव ~~
कोर्ट के दांव।
पांव है भारी~~
ईमली की चाहत
होती है नारी ।
🌷यशवंत"यश"सूर्यवंशी 🌷
भिलाई दुर्ग छग.
आओ मनायें होली
*आओ मनायें होली*
इन्द्रधनुषी रंग के संग आओ मनायें होली
भाईचारे का प्रेम भाव से मिलके लगाओ रोली
बरसाने में राधा के संग होली खेले नंदलाल
रंग बिरंगी छटा बिखेरे मिलके अबीर गुलाल
रंगने निकले आज नटवर को ललिता की टोली...
भाईचारे का प्रेम भाव से मिलके लगाओ रोली...
पीली सरसों से रंग लेकर करे रंगीली बौछार
स्नेह भरी पिचकारी से छलकता रहे प्यार
सतरंगी रंगों से मिलकर बनते आज रंगोली...
भाईचारे का प्रेम भाव से मिलके लगाओ रोली...
राम लखन भरत शत्रुघन उड़ावे अबीर गुलाल
नल नील सुग्रीव जामवंत हनुमत करे कमाल
किरपा है उस ईश्वर की जो भरते सबकी झोली...
भाईचारे का प्रेम भाव से मिलके लगाओ रोली
मिटे भ्रष्टाचार देश की मेरे जहान में शांति रहे
सूरज बनके फैलाता जग में अपनी कांति रहे
नहीं फटे कहीं गोला बारुद न चले कही गोली...
भाईचारे का प्रेम भाव से मिलके लगाओ रोली...
खुशनुमा हो जीवन सबका रंग भरा आसमान हो
लक्ष्य हो पूर्ण सभी का सफलता का सोपान हो
मंगलमय कामनाओं से भरी हो सबकी झोली...
भाईचारे का प्रेम भाव से मिलके लगाओ रोली...
तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगाँव डौंडी लोहारा
९८२६७००३१९
९६१७५८९६६७
शुक्रवार, 23 फ़रवरी 2018
कब होही तोर दरसन
*कब होही तोर दरसन*
कब होही तोर दरसन
होबे कब तैहा परसन
मया ल तोरले पायबर
होवत हे मोला अड़चन
होही कब मोर आस पूरा
जिनगी तोर बिन हे अधूरा
मर जहूँ तइसे लगथे मोला
धकले करथे मोर जीवरा
कब मनाबो जी हम होरी
बँधाही कब मया के डोरी
रस्दा ल तोर देखत रहिथों
चंदा ल देखय जस चकोरी
तै मोर राधा बनवारी मैं
बिन रंग के पिचरारी मैं
हावस चंदा कस दूरिहा
हँव जस अँधियारी मैं
सपनाथंव तोला रात कून
दया नइ लागय थोरकून
काबर तै कलपावत हस
बात मान लेतेस मोर सून
तडपत हँव तोर मया बर
लेवस नइ तैह मोर खबर
का अइसन बात होगे हे
अब नइ धर सकंव सबर
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छत्तीसगढ़
९६१७५८९६६७
९८२६७००३१९
बुधवार, 21 फ़रवरी 2018
धरती वंदना
धरती दाई तोर अबोध लइका कइसे करँव मँय बखान ओ
तोर कोरा म जनम धरिन तुलसी कबीर रसखान ओ
भारत माता के दुलौरिन बेटी छत्तीसगढ़ तँय कहावय
अरपा पैरी महानदी के धार ह सुग्घर बोहावय
तोर अछरा के छंइहा म दाई लहरावय धान ओ
तोर कोरा म जनम धरिन तुलसी कबीर रसखान ओ...
बीर नरायन गैंदसिह नायक तोरेच सेवा बजाइन हे
मान तोर राखेबर दाई अपने प्रान गँवाइन हे
ए भुंइया कोन्हा कोन्हा लागय सोनहा खान ओ
तोर कोरा म जनम धरिन तुलसी कबीर रसखान ओ...
शबरी के जूठा बोईर ल खाइस राम ह जिहा आके
धन्य होगे हमर भुंइया नवधा भगति ल पाके
गंगा मंइया तेलीन सत्ती सबके महिमा गान ओ
तोर कोरा म जनम धरिन तुलसी कबीर रसखान ओ...
तोर कोरा लागे हमर बर संऊहत तीरथ धाम असन
तोर मान रखेबर दाई करबोन जुरमिल के जतन
आही बेरा पाछू नइ घूंचन छोंड़ देबो हम प्रान ओ...
तोर कोरा म जनम धरिन तुलसी कबीर रसखान ओ...
तोषण कुमार चुरेन्द्र
बसंत राग
*💐🙏🏻~ हाइकु मञ्जूषा ~🙏🏻💐*
*(क्र. - 09)*
*दिनांक 19/02/2018*
*दिन - सोमवार*
*हाइकु सृजन का विषय*
*कली*
*पुष्प*
*भ्रमर*
*बसन्त*
*विषय संदर्भित हाइकु सृजन काल प्रातः 08.00 से रात्रि 08.00 बजे तक ।*
*विषय प्रदाता - आ. किरण मिश्रा जी*
*संचालक - प्रदीप कुमार दाश "दीपक"*
💐💐💐💐💐💐💐💐💐
*चयनित हाइकु*
बेटी वसंत
टेसू भरा आँगन
श्वास पर्यन्त ।
✍🏻वीणा शर्मा
बसन्त आया
कुंहूकुंहू कोयल
प्रसन्न चर्या ।
✍🏻तुकाराम पुंडलिक खिल्लारे
बसंत आया
सुगन्धि नाच उठी
जग बौराया ।
✍🏻सूर्यनारायण गुप्त "सूर्य"
मन बसंत
खिला स्नेह की कली
महके रिश्ते ।
✍🏻रामेश्वर बंग
लुटा बसंत
कामुक था महंत
जीवन अंत ।
✍🏻गंगा पांडेय "भावुक"
फूल रंगोली
है धरा कैनवस
रचे प्रकृति
।
✍🏻मीनाक्षी भटनागर
मासूम कली
घर आँगन खिली
लगती भली ।
✍🏻ज्योतिर्मयी पंत
भ्रमर गूँजें
मकरंद लालसा
पुष्प मित्रता ।
✍🏻ज्योतिर्मयी पंत
कुच कलश
थरथराने लगे
काम के पुष्प ।
✍🏻देवेन्द्रनारायण दास
प्रकृति नटी
मधुमय उमंग
हँसे सुमन ।
✍🏻देवेन्द्रनारायण दास
बिटिया कली
मन आँगन खिली
चाहत मिली ।
✍🏻डाॅ. संजीव नाईक
खिली कोंपल
मासूम सी किल्कारी
गूंजा आँगन ।
✍🏻उषा साहिबा
पीली सरसों
केशरी है पलाश
पुष्प सुवास ।
✍🏻सुशील शर्मा
रंग अनंत
चित्रकार बसंत
सजा दिगंत ।
✍🏻सुशील शर्मा
बासन्ती भोर
पलाश दिनकर
क्षितिज कोर ।
✍🏻किरण मिश्रा
नैन भ्रमर
मुकुलित कँवल
मनस सर !
✍🏻किरण मिश्रा "स्वयंसिद्धा"
डाली का फूल
नाजुक सी जिन्दगी
करे कबूल ।
✍🏻बलजीत सिंह
तितली रानी
रंगीन फूलों पर
हुई दीवानी ।
✍🏻बलजीत सिंह
फूलों की बातें
हवा हौले-से सुने
कहानी बुने ।
✍🏻पुष्पा सिंघी
भौंरा गुंजारे
जैसे कोई तपस्वी
मन्त्र उच्चारे ।
✍🏻डा.आनन्द शाक्य
पत्तियां देखें
पुष्प, भौंरे, बसंत
बनके संत ।
✍🏻शेख़ शहज़ाद उस्मानी
नवोढा कली
बिखरी अधखिली
भाग्य का खेल ।
✍🏻सुरंगमा यादव
रजनी भागी
किरणों की थपकी
कलियाँ जागी ।
✍🏻ऋतुराज दवे
भंवरा गाये
कलियों को रिझाये
पराग पाये ।
✍🏻गंगा पांडेय "भावुक"
अल्हड़ कली
सहमी सी संभली
उर में अलि ।
✍🏻दाता राम पुनिया
आया बसंत
धरती आच्छादित
फूले रसाल ।
✍🏻स्नेहलता "स्नेह"
न तोड़ कली
जग में आने तो दो
खुशियाँ देगी ।
✍🏻रविबाला "सुधा" ठाकुर
खिले सुमन
इठलाए चमन
पुलके मन ।
✍🏻रविबाला "सुधा" ठाकुर
बसंत राग
कोयल गाती कैसे ?
बनके कैदी ।
✍🏻तोषण कुमार चुरेन्द्र
बसंत ऋतु
सभी के मन भाए
जी भरमाए ।
✍🏻मधु गुप्ता "महक"
छाये बसन्त
हर मन तरंग
फूले पलास।
✍तेरस कैवर्त्य "आँसू"
फूल को देख
अलि गुनगुनाये
बाग में झूमे ।
✍🏻सविता बरई
ऋतु बसंत
कुहुकिनी कुहूके
डाल में झूले ।
✍🏻सविता बरई
आया बसंत
आम्र कुंज महके
फूले पलाश ।
✍🏻केवरा यदु
ऋतु बसंत
कामदेव ने भेजा
खुशी अनंत ।
✍🏻भीष्मदेव होता
सरसों फूले
बसंत आगमन
चेहरे खिले ।
✍🏻अनिता मंदिलवार "सपना"
💐💐💐💐💐💐💐💐💐
बुधवार, 14 फ़रवरी 2018
शिव भजन
पहिने बाघंबर साला गलेयन में मुंड के माला...
आसन लगाए तँय पहाड़ मा
तोर तीर आएंव भोला सुनले गोहार ला..
मांथे मा चंदा सोहे गंगा मइया साथ मा
एक हाथ तिरशुल सोहे डमरु धरे हाथ मा
नंदी के तैहा चढ़इया भृंगी हे सेवा बजइया...
परबतिया हे तोर साथ मा
तोर तीर आएंव भोला सुनले गोहार ला...
अवघढ़िया तोला कहिथे,बम भंगिया तोला कहिथे
साँप डेढ़ू बिचछी कुच्छी सब संग मा तोर रहिथे
महादेव तैहा कहैया किरपा तै सब पे करइया
करदे तै किरपा के बौछार ला
तोर तीर आएंव भोला सुनले ले होबार ला
तोषण कुमार चुरेन्द्र
arhkepagakalagi.blogspot.com
शिव भजन
पहिने बाघंबर साला गलेयन में मुंड के माला...
आसन लगाए तँय पहाड़ मा
तोर तीर आएंव भोला सुनले गोहार ला..
मांथे मा चंदा सोहे गंगा मइया साथ मा
एक हाथ तिरशुल सोहे डमरु धरे हाथ मा
नंदी के तैहा चढ़इया भृंगी हे सेवा बजइया...
परबतिया हे तोर साथ मा
तोर तीर आएंव भोला सुनले गोहार ला...
अवघढ़िया तोला कहिथे,बम भंगिया तोला कहिथे
साँप डेढ़ू बिचछी कुच्छी सब संग मा तोर रहिथे
महादेव तैहा कहैया किरपा तै सब पे करइया
करदे तै किरपा के बौछार ला
तोर तीर आएंव भोला सुनले ले होबार ला
तोषण कुमार चुरेन्द्र
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शुक्रवार, 9 फ़रवरी 2018
चली बयार
*" हाइकु मंच छत्तीसगढ़ "*
💐💐💐💐💐💐💐
*09 फरवरी आज के हाइकु का विषय :-*
*बसंत*
*बयार*
*रंग*
*सरसों*
*गुलाब*
*चयनित हाइकु*
*01. गुलाब रोया*
*शहीद से लिपट*
*सुपुत्र खोया ।*
*✍🏻स्नेहलता वर्मा*
*02. परसा फूले*
*फागुन रंग खिले*
*वन झाड़ में ।*
*✍🏻नरेश कुमार जगत*
*03.चली बयार*
*लिये फागुन राग*
*जग रंगोली ।*
*✍🏻तोषण कुमार चुरेन्द्र*
*अतिरिक्त : ----*
*01.रंग-बिरंगे*
*प्रसूनों से सज के*
*प्रकृति झूमे ।*
*✍🏻सविता बरई*
💐💐💐💐💐
*विषय प्रदत्त : आ. अनिता मंदिलवार "सपना" जी*
*समीक्षिका : आ. अनिता मंदिलवार "सपना" जी*
*हाइकु चयनकर्ता : आ. देवेन्द्र नारायण दास जी*
*संचालक : प्रदीप कुमार दाश "दीपक"*
💐💐💐💐💐💐💐
विशिष्ट पोस्ट
शिवनाम
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...
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🌷यशवंत"यश"सूर्यवंशी 🌷 भिलाई दुर्ग छग हाइकु 🥀ईमली🥀 मन मचला संतान के संके...
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तरु की छाँव खेलता बचपन अपना गाँव मिट्टी चंदन निखरित मस्तिष्क कोटि वंदन बहे सरिता है धरा पल्लवित मग पुनिता कुँजती पिक लगे मनभावन द...
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दाई के कोरा हे धान के कटोरा तिहार पोरा... सोहय धान छत्तीसगढ़हीन बेटा किसान... कौशल राज ननिहाल राम के नाचव आज... नवा अंजोर जगमगात ग...